शास्त्रीय नाव Phoenix dactylifera कुळ Arecaceae जातीची माहिती जगभरात खजूराच्या 300 पेक्षा जास्त जाती आहेत त्यापैकी बरही (Barhee Dates) ही जात जास्त उत्पादन देणारी, चवीला गोड, बाजारात कायम मागणी असलेली आणि शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या फायदेशीर अशी जात आहे 🌱 लागवडीचे अंतर आणि रोपांची संख्या ✔ लागवडीचे अंतर 20 फूट × 20 फूट ✔ एकरी लागवड या अंतरावर एकरी साधारण 108 रोपे लागतात योग्य नियोजन आणि उत्पादनासाठी 👉 आम्ही एकरी 110 रोपे लागवड करण्याचा सल्ला देतो ✔ नर व मादी रोपांचे प्रमाण 100 मादी रोपे 10 नर रोपे हे प्रमाण परागीभवन आणि चांगल्या उत्पादनासाठी अत्यंत योग्य आहे 🌴 लागवड कशी केली जाते ✔ लागवडीपूर्व तयारी लागवडीपूर्वी आमचे शेती तज्ज्ञ / लागवड समन्वयक स्वतः शेतावर भेट देतात ते खालील बाबी प्रत्यक्ष तपासून आणि समजावून सांगतात • खत व्यवस्थापन • मातीची पूर्वतयारी • पाणी व्यवस्थापन आणि निचरा नियोजन • योग्य आकारानुसार खड्डे करून घेतले जातात ✔ लागवड प्रक्रिया रोपे लावताना आमचे शेती तज्ज्ञ व लागवड समन्वयक शेतावर उपस्थित राहतात योग्य खोलीवर रोप लागवड, सरळ उभे रोप, पाणी देण्याची पद...
पपीता की खेती कैसे करें: एक सम्पूर्ण मार्गदर्शिका ( The Ultimate Guide to Growing Papaya Successfully)
पपीता (PAPAYA) एक ऐसा फल है जो न केवल स्वाद में मीठा और ताजगी भरा होता है, बल्कि यह पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। पपीता विटामिन ए, सी, और ई का अच्छा स्रोत है और इसमें पाचन में सहायक एंजाइम पपैन भी होता है। भारत में पपीता की खेती एक लाभदायक फसल है और इसे उगाना काफी आसान है। इस ब्लॉग में, हम पपीता की खेती के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जैसे कि जलवायु, भूमि, बुवाई, देखभाल, कटाई, और विपणन। 1. पपीता की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और मिट्टी: जलवायु: पपीता की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय (Tropical) और उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) जलवायु सबसे उपयुक्त है। 25°C से 30°C तापमान पपीता के पौधों के विकास के लिए आदर्श होता है। पौधों को ठंडी हवा और पाले से नुकसान हो सकता है, इसलिए ऐसी जगहों पर पपीता की खेती से बचना चाहिए। मिट्टी: पपीता की खेती के लिए दोमट (Loamy) और हल्की दोमट (Sandy Loam) मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का pH स्तर 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए। पानी का उचित निकास आवश्यक है, क्योंकि पानी के जमाव से जड़ें सड़ सकती हैं। 2. पपीता की खेती के लिए भूमि की ...